Issues needs attention

Many people has been raising various issues. All these issues are pertinent and needs attention. But I feel that the foremost issue which is being ignored by all and sunderies is, population explosion. We are growing in numbers with such a speed that any amount and pace of development can not match it. This being a sensitive issue which does not get you votes, rather you lose the votes by raising this matter, no political party has the guts to tackle it. We have a very good example of china before us who have handled this problem very strongly and today is top super power of the world. Indians,in my opinion are far more talented but they need oppurtinities and space which is not possible with such growing numbers. more  

Yes, population need to be controlled on war footing. There should be disincentive for the people with more than 2 children. This too as a first step. For eg. no ration for family with more than 2 children or higher deduction in salary for such people. Another way is to educate people in the medias as social insertion advertisements. We must achieve a significant control in population within say, the year 2020. Cities have to decongested. Population density has to be reduced. more  
माननीय श्री प्रधान मंत्री जी, Date: 11-08-2014
सादर प्रणाम l
राष्ट्रीय एकात्मता में बढावे के लिये, भाषाके आधारपर भेदभाव(और हिंसा) कम करने और विविध प्रांत के लोगोमे सामंजस्य और सहकार्य बढानेके लिये निम्न उपाय किया जा सकता है l
देशके हरेक स्कूल में एक ऐसा अनिवार्य विषय रखे जिसमे भारतके हरएक प्रांत की भाषा के कुछ शब्द( करीब २००-३००) और कुछ वाक्य(करीब १००) समाविष्ट किये जाये l वाक्य और शब्दो का चयन करते समय सामान्यत: हर रोज व्यवहारमें उपयोग में आनेवाले शब्द और वाक्य समाविष्ट किये जाये l विषयकी लिपी(स्क्रिप्ट) उस राज्यकी स्थानिक रहे l और हो सके तो देवनागरी लिपी अनिवार्य हो l बाकी राज्योकी भाषायोन्की विविध लीपिया ऐच्छिक हो l ज्यादा लीपिया स्वेच्छा से सिखनेको प्रोत्साहन दिया जाय l इस से राष्ट्रीय एकात्मता और विविध भाषिक नागरीकोमे सामंजस्य और संवाद(Communication, Mutual Understanding & Cooperation ) बढेगा l
प्रणाम l
विनित
- बालकृष्ण राजे, पुणे, महाराष्ट् more  
माननीय श्री प्रधान मंत्री जी, Date: 11-08-2014
सादर प्रणाम l
राष्ट्रीय एकात्मता में बढावे के लिये, भाषाके आधारपर भेदभाव(और हिंसा) कम करने और विविध प्रांत के लोगोमे सामंजस्य और सहकार्य बढानेके लिये निम्न उपाय किया जा सकता है l
देशके हरेक स्कूल में एक ऐसा अनिवार्य रखे जिसमे भारतके हरएक प्रांत की भाषा के कुछ शब्द( करीब २००-३००) और कुछ वाक्य(करीब १००) समाविष्ट किये जाये l वाक्य और शब्दो का चयन करते समय सामान्यत: हर रोज व्यवहारमें उपयोग में आनेवाले शब्द और वाक्य समाविष्ट किये जाये l विषयकी लिपी(स्क्रिप्ट) उस राज्यकी स्थानिक रहे l और हो सके तो देवनागरी लिपी अनिवार्य हो l बाकी राज्योकी भाषायोन्की विविध लीपिया ऐच्छिक हो l ज्यादा लीपिया स्वेच्छा से सिखनेको प्रोत्साहन दिया जाय l इस से राष्ट्रीय एकात्मता और विविध भाषिक नागरीकोमे सामंजस्य और संवाद(Communication, Mutual Understanding & Cooperation ) बढेगा l
प्रणाम l
विनित
- बालकृष्ण राजे, पुणे, महाराष्ट्र Mob No: 08446042849
bbraje@yahoo.co.in; bbraje@rediffmail.com more  
I fully agree with Mr. Agarwal. The government has to contain the population explosion. This issue is very much neglected for quite a long period. The parties consider this as vote bank and hence they just do not bother. more  
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